Monday, January 21, 2013

shahi paneer recipe in hindi

कडाही पनीर  - shahi paneer recipe in hindi

सामग्री : 250  ग्राम पनीर , 3 शिमला मिर्च ,4 प्याज , 4  टमाटर ,1 इंच का टुकड़ा अदरक , 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर ,2 तेज पत्ते , 4 लोंग , 1 टुकड़ा दाल चीनी , थोड़ा सा नारंगी रंग , 4 बड़े चम्मच घी या मक्खन । shahi paneer recipe in hindi

paneer receipes


विधि :  पनीर को काट लें ,शिमला मिर्ची को लम्बे - लम्बे पतले टुकड़ों में काट लें । प्याज , टमाटर , अदरक , नमक , लाल मिर्च पाउडर और नारंगी रंग को एक साथ मिलाकर मिक्सी में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें । लोंग और दालचीनी को मोटा - मोटा कूट लें । एक पैन में मक्खन गरम करें , अब इसमें तेज पत्ता , लोंग और दालचीनी दाल दें । shahi paneer recipe in hindi

प्याज , टमाटर का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भून लें । अब इसमें पनीर के टुकडे और शिमला मिर्च डालकर आंच धीमी करके पकने दें । जब शिमला मिर्च  गल जाये आंच से उतारकर नान या पराठे के साथ सर्व करें ।

पनीर पाकीजा - shahi paneer recipe in hindi

सामग्री : 400 ग्राम पनीर
भरावन के लिये : 2 बड़े चम्मच गाढी मलाई , 1 -छोटा चम्मच कटी हरी मिर्च , 1 छोटा चम्मच अदरक , 1 छोटा चम्मच सूखा पुदीना पाउडर , आधा छोटा चम्मच खसखस , 1 छोटा चम्मच अदरक पेस्ट , 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च , 1 / 4 चोथाई छोटा चम्मच हल्दी , चोथाई छोटा चम्मच गरम मसाला , 2 छोटी इलायची पीसी हुई , 1 हरी मिर्च , नमक स्वादानुसार , तेल ।
panner receipes


सजाने के लिये : 1 / 4 टी - कप क्रीम हरी मिर्च , थोड़ा सा हरा धनिया ।

विधी :  पनीर को किसी कटोरी या ढक्कन से गोल - गोल काट लें । दो का एक सेट बनेगा । भरावन का मसाला तैयार करें और पनीर के एक टुकडे पर फैलाकर लगा दें । उसके ऊपर दूसरा टुकड़ा रखकर हलके हाथों से दबा दें , जिससे वे चिपक जाये । पूरा पनीर इस तरह तैयार कर लें । एक नानस्टिक तवे पर तेल डालकर हल्का सेक लें । खसखस सेक कर पीस लें और दही में मिला दें ।

कड़ाही में चार बड़े चम्मच तेल गर्म कर अदरक का पेस्ट भूने , फिर इलायची मिलाकर प्याज डालकर भूने । लाल मिर्च , हल्दी ,धनिया डालकर तब तक भूने जब तक तेल मसाले से अलग न हो जाये । खसखस मिश्रित दही और काजू पेस्ट डाले । पांच मिनट बाद टमाटर प्यूरी , एक कप पानी और जो मसाला भरने से बच गया है वह भी इस ग्रेवी में मिलाकर पकायें ।

जब तेल ऊपर तैरने लगे तब गरम मसाला , नमक , हरी मिर्च दो टुकडे कर ग्रेवी डालें और हरी मिर्च , हरा धनिया व क्रीम से सजाकर सर्व करें ।

Wednesday, January 2, 2013

weight loss tips in hindi

अक्सर महिलाएं भोजन के बाद खूब पानी पीया करती है । भोजन के अंत में पानी पीना सही नहीं होता ,बल्कि एक - डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए । इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता , बल्कि मोटापा भी कम हो जाता है ।

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  1. आहार भूख से थोड़ा  कम ही लेना चाहिए । इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता । पेट में गैस नहीं बने इसका ख्याल रखना चाहिए । गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है । दोनों समय शोच के लिए अवश्य जाना चाहिए ।

  2. भोजन में शाक - सब्जी , कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक - सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती , चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए । सप्ताह में एक दिन उपवास या

  3. एक बार भोजन करने के नियम का पालन करना चाहिए । उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए ।

  4. पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग का ' बफारे की भाप ' से सेंक करना चाहिए ।

  5. इस हेतु एक तपेली पानी में एक मुट्टी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें । जब भाप उठने लगे ,तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें । दो छोटे नैपकिन या कपडे ठंडे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तरह करके एक - एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंके । प्रतिदिन 10 मिनट सेंक्कारना पर्याप्त है ।कुछ दिनों में पेट का आकार घटने लगेगा ।

  6. सुबह उठकर शोच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसानों का अभ्यास करें या प्रातः 2 - 3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें ।

  7. भुजंगासन , शलभासन , उत्तानपादासन , सर्वांगासन , हलासन , सूर्य नमस्कार । इनमें शुरू के पांच आसानों में 2 - 2 मिनट और सूर्य नमस्कार पांच बार करें , तो कुल 15 मिनट लगेंगे ।

  8. भोजन में गेहूँ के आटे की चपाती लेना बंद करके जो - चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें । इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जो । इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएं । इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा ।

  9. प्रातः एक गिलास ठंडे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है । दुबले होने के लिए दूध और शुद्द घी का सेवन करना बंद न करें । वरना शरीर में कमजोरी ,रूखापन , वाताविकार , जोड़ों में दर्द , गैस टूबल आदि की शिकायते पैदा होगी ।

जूस के बजाए ताजा फल - सब्जियों का सेवन अधिक फायदेमंद है

अगर आप फल - सब्जियों के डिब्बाबंद जूस का सेवन करते है तो सावधान हो जाइए क्योंकि आहार विशेषग्णों   का कहना है की बाजार में तरह - तरह के आकर्षक पैक्स में मिलने वाले जूस के इन पैक पर प्रोटीन , विटमिन , इत्यादि की जो मात्रा लिखी होती है ,कई बार वह सही नहीं दर्शाई जाती । ऐसे डिब्बाबंद जूस को कंपनियां बढ़ा - चाढ़कर इसके फायदे बताते हुए प्रायः ग्राहकों को  गुमराह करती है , इसलिए बेह्तार यही है की आप इस तरह के पैक्ड जूस के बजाय ताजा - फल सब्जियों का ही सेवन करें ।

उपरोक्त तथ्य जापान के कंज्यूमर इन्फार्मेशन सेंटर द्दारा किए एक सर्वेक्षण में सामने आया है । सर्वेक्षण में बताया गया है की डिब्बाबंद जूस बेचने वाली कंपनिया इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायेदेमंद बताते हुए लंबे - चोडे दावे करती है जबकी ये दावे कई बार हकीकत से कोसों दूर होते है । जेसी आईसी  द्वारा कहा गया है की जूस बनाने वाली कुछ कंपिनियाँ तो अपने पैक पर इस तरह की तिप्पिनीयां भी छाप देती है की उनके जूस के पैक में पूरे एक दिन में खाई जाने वाली सब्जियों की संतुलित मात्रा के बराबर विटमिन मोजूद है ।

vegitables

जेसी आईसी ने 14 ऐसी कंपनियों के उत्पादों की जांच की , जिन में से 10 कंपनियां जूस बनाने वाली थी जबकि 4 कंपनियां विटमिन के कैप्सूल व पाउडर बनाने वाली थी और इस जांच के दोरान बेहद चोकाने वाला तथ्य सामने आया ।

जांच के दोरान जेसी आईसी ने पाया की इनमे से किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट में विटमिन सी , आयरन व अन्य पोषक तत्वों की उतनी मात्रा नहीं पाई गई , जितनी उन पर लिखी हुई थी । इस जांच के इन हैरत अंगेज नतीजों को देखकर अब डाक्टर भी मरीजों को डिब्बाबंद जूस का सेवन करने के बजाय ताजा - फल - सब्जियां का गूदा बेकार चला जाता है , जिस में काफी मात्रा में जरूरी पोषक तत्व होते है और इस तरह वे भी गूदे के साथ बेकार चला जाता है ,जिसमे काफी कम रह जाती है लेकिन यदि आप फिर भी जूस पीना चाहते है तो डिब्बाबंद जूस के मुकाबले आपके लिए कही ज्यादा फायदेमंद रहेगा ।

Tuesday, January 1, 2013

डाइनिंग टेबल की शान है खीरा

खीरे को आदमी जितना जानता है , इसका महत्व उससे काफी अधिक है । खीरा एक फल भी है और सलाद भी । इसे छिलके सहित खाना अधिक पोष्टिकता देता है । खीरा छीलकर खाने से इसकी काफी शक्ति का हास हो जाता है । सभी खीरे कडवे नहीं होते । मामूली कड़वापन होभी सकता है । यदि खीरे का कडवापन झेल लें , तो यह खून को साफ करता है । काटकर , घिसकर खीरे की कडवाहट दूर करने से खीरे की कडवाहट तो खत्म हो जाती है।

किन्तु इससे इसकी शक्ति का हास होता है , ताकत कम हो जाती है । कुछ लोग खीरे के कड़वेपन को दूर करने के लिए खीरे  के ऊपर सिरे को काटकर घिसने को  ' जहर निकालना ' कहते है । वास्तव में यह कोई जहर नहीं । इसलिए इसे जहर कहकर खीरे का अपमान न करें । आइए डाले खीरे के कुछ ख़ास गुणों पर एक नजर :

  • खीरे की तासीर ठंडी होती है। यही कारण हैकि लू ,गर्मी ,तापिश कम करने के लिए खीरे का सेवन हर कोई बड़े चाव से करता है ।

  • खीरा कब्ज को दूर कर पेट को साफ करता है । अतः इसका नियमित सेवन करना चाहिए ।

  • पेट में ,छाती में अथवा शरीर में कही भी गर्मी की जलन हो तो खीरा खाने से जलन शांत हो जाती है ।

  • खीरा पचने में हल्का होता है । अतः इसे बच्चे और वृद्द दोनों ही सुगमता से खा और पचा सकते है ।

  • खीरा डाइनिंग टेबले की शान है । ओषधीय गुणों की भी कोई कभी नहीं इसमें । खीरे का रस निकालकर नींबू , काली मिर्च , काला नमक डालकर खाते रहने से डायबिटीज के रोग में बहुत फ़ायदा होता है ।

  • खीरा आँखों के आस -पास की कालिमा हटाने का भी काम करता है । दो - तीन चम्मच खीरे का रस लें । रूई के फाहे को इस रस में डुबोकर बंद आँखों पर रखें । इस रस को आँखों के आस - पास मलें । कालिमा तो हटेगी ही , आँखों की गर्मी भी ख़त्म होगी ।

  • पेट में वायु बनी रहना बहुत परेशानी पैदा करती है । खीरे का सेवन वायु को निष्कासित करता है वायु बनने से भी रोकता है ।

  • यदि शरीर में पत्ति बढ़कर दुखी कर रहा हो , तो भी खीरा खाने से राहत मिलती है ।

  • यदि घुटनों में दर्द रहता हो , तो खीरा तथा लहसुन नियमित खाएं । हर प्रकार के जोड़ों के दर्द दूर होगें और उठने - बैठने , चलने - फिरने में भी आसानी होगी ।

  • खीरे का रस पथरी को कम करने में भी मददगार रहता है । पथरी के रोग से बचने के लिए दिन में तीन बार आधा - आधा कप खीरे का रस काली मिर्च और काला नमक डालकर लें । लाभ होने लगेगा ।

  • खीरा खाना तथा खीरे का रस पीना पेशाब में होने वाली सारी जलन को कम करता है । ऐसा रोगी तो इसे जरूर सेवन करें ।

  • खीरे को बेतैर फल ,सलाद तथा ओषधि तीनों प्रकार से लें सकते है । गर्मियों में तो इसका पहले से अधिक उपयोग कर लाभान्वित हुआ जा सकती है ।


 

Saturday, December 29, 2012

veg recipes in hindi

Start veg recipes making

सामाग्री :  2 आलू , 2 प्याज , 1 गाजर कटी हुई ,थोड़े से फ्रै चबीन्स कटे हुए , 1 टेबलस्पून बटर , 1 कप दूध , कालीमिर्च व नमक स्वादानुसार । veg recipes in hindi

veg recipes in hindi


विधि :  आलू और प्याज को छील - काट कर 4 - 5 कप पानी में उबला लें ।  फिर ठंडा करके ब्लेड कर लें।एक पैन में बटर पिघला कर गाजर और फ्रेंचबीन्स को भूने । इसमें ब्लेड किए हुए आलू प्याज दूध ,कालीमिर्च और नमक मिलाकर उबालें। गर्मा गर्म सर्व करें ।

milk cake recipe in hindi

Milk cake recipe in hindi


सामग्री :  दो छोटी कटोरी या 200 ग्राम आटा , 1 छोटी कटोरी या 100 ग्राम ताजा दही ,75 ग्राम चीनी , 2 कटोरी दूध , फ्राई करने के लिए देसी घी । milk cake recipe in hindi

Milk cake recipe in hindi


विधि :  चीनी और दही को इतना फेंटें कि चीनी उसमें घुल जाएं । बड़े बाऊल में आटा लें और उसमें दही - चीनी वाला घोल डालकर अच्छी तरह मिलाएं । milk cake recipe in hindi ध्यान रखें कि आते की गुथिलियाँ न बनाने पाए । अब लगभग दो कटोरी दूध लेकर आते के मिश्रण में धीरे - धीरे डालें और 1 - 12 मिनट तक अच्छी तरह फेंट लें । ऐसा करने से यह घोल काफी मुलायम बन जाएगा । चोडे तेल की कढ़ाही जो कम गहरी हो में घी डालकर गरम कीजिए , अब चम्मच से घोल को कढाही में छोटे - छोटे गोले बनाते हुए फैलाएं । milk cake recipe in hindi धीमी आंच पर मालपुआ सेंक कर गर्मागर्म सर्व करें ।

bajra

bajra

सामग्री : 2 कप बाजरा आटा , 1 -1 बड़ा चम्मच गेहू का आटा और बेसन ,1 - 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा लहसुन ,धनिया पत्ती और कहूकस की हुई मूली , 1 -1 टी स्पून कुटी bajra



विधि : तेल को छोड़कर सभी सामग्री मिला लें और पानी डालकर पतला घोल तैयार कर लें । recipes in hindi घोल पकोड़े के घोल की तरह पतला होना चाहिए । bajra तवा गर्म करें और थोड़ा तेल लगाकर 1  चम्मच घोल डालकर उसे फैलाएं और दोनों तरफ से करारा सेंक लें । गर्मागर्म चीला दही और नींबू के अचार के साथ सर्व करें ।