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Thursday, November 1, 2012

10 चिल्ड्रेन के लिए उत्तम आहार युक्तियाँ

अपने किचन में आप जो कुछ भी पकाती हैं, उसका तरीका कितना सही और स्वास्थ्यवर्धक है? कुकिंग से जुड़े आपके हर तरह के संशय का समाधान ....

पास्ता, नूडल्स या मैकरॉनी :  बच्चों की पसंद की वजह से अकसर घरों में नाश्ते के समय इनका इस्तेमाल होता है। अच्छी सेहत के लिए मल्टीग्रेन या होल व्हीट पास्ता, नूडल्स या सूजी की मैकरॉनी का इस्तेमाल करें। बाजार में मिलने वाले सेमी कुक्ड नूडल्स का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इनके जल्दी खराब होने का डर रहता है। ऐसे चीजें हमेशा घर में उबालें। अकसर लोग नूडल्स या पास्ता को थोड़ा कम उबालते हैं, ताकि ये देखने में सुंदर लगें, पर यह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इन्हें उबालने का सही तरीका यह है कि पानी में एक टेबल स्पून रिफाइंड ऑयल, एक टीस्पून नमक और एक टीस्पून विनेगर डालकर इन्हें अच्छी तरह पकाएं और छलनी में छानकर ठंडे पानी से धो लें। इससे ये चीजें आपस में नहीं चिपकेंगी।
हेल्दी टिप :   इन चीजों की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए इनमें ढेर सारी हरी सब्जिया मिलाएं। 
अंडा : यह प्रोटीन का बेहतर स्त्रोत है। इसे उबालकर खाना सबसे अच्छा रहता है। वैसे इसका वाटर पोच भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में पानी उबलने के लिए रखें। फिर एक नॉनस्टिक करछी के भीतरी हिस्से में जरा सा कुकिंग ऑयल लगाकर उसमें अंडा तोड़कर डालें, उसके ऊपर नमक और काली मिर्च पाउडर छिड़ककर, करछी को बर्तन में इस तरह रखें कि वह पानी में पूरी तरह न डूबे। पाच मिनट के बाद जब अंडा पक जाए तो इसे लो फैट क्रीम और टोस्ट के साथ सर्व करें।
  हेल्दी टिप :अंडे की जर्दी मे बहुत अधिक मात्रा में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है, जो हार्ट के लिए बहुत नुकसानदेह साबित होता है। इसलिए ओवर वेट या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को केवल अंडे का सफेद हिस्सा ही खाना चाहिए।
पराठे :  इसके लिए हमेशा नर्म आटा गूंधें। चाहें तो उसमें एक टीस्पून रिफाइंड ऑयल का मोयन भी मिला सकती हैं। हरी सब्जियों का स्टफ्ड पराठा पूरे परिवार की सेहत के लिए अच्छा रहता है। इसके लिए आप मौसम के अनुकूल सब्जियों का चुनाव कर सकती हैं।
हेल्दी टिप :अगर बच्चे सब्जियों वाला स्टफ्ड पराठा नहीं खाते तो इस समस्या से बचने के लिए हरी सब्जियों को उबालकर पेस्ट बना लें और उसी से आटा गूंधकर पराठे बनाएं।
 स्प्राउट्स :  यह प्रोटीन और विटमिन सी का संतुलित मिश्रण है। आजकल बाजार में पैकेटबंद स्प्राउट्स भी मिलते हैं, पर सेहत की दृष्टि से इन्हें सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप घर में खुद स्प्राउट्स तैयार करें। इसके लिए 12 घटे तक चना, साबुत मूंग आदि भिगो दें। फिर उसका पानी निकाल कर किसी छलनी पर रखकर ढककर रख दें, अगले आठ घटे के बाद उसमें अंकुर निकल आएंगे। स्प्राउट्स उतनी ही मात्रा में तैयार करें कि 12 घटे में खत्म हो जाए। कच्चा अंकुरित अनाज खाने से कुछ लोगों को गैस की समस्या हो जाती है। इसलिए बेहतर यही होगा कि स्प्राउट्स को हलका स्टीम करके खाया जाए।
हेल्दी टिप :अगर आपको डायबिटीज है तो स्प्राउट्स के लिए चना या मूंग भिगोते समय आप उसी में मुट्ठी भर मेथी के दाने भी मिला दें। इससे आपका शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा।
रोटी :  अगर आप पैकेटबंद आटा खरीदती हैं तो उसके पैकेट पर लिखा विवरण ध्यान से पढ़ें। अगर उसमें चोकर की मात्रा कम है तो आटे में चोकर, सोयाबीन, बाजरे या चने का आटा स्वादानुसार मिलाएं। आटा गूंधने के बाद उसे दस मिनट तक ढककर रखें, इससे रोटिया नर्म और फूली-फूली बनेंगी। अगर घर में लोगों को मिश्रित आटे का स्वाद पसंद नहीं आता तो सप्ताह में एक दिन आटे में बेसन, प्याज, हरा धनिया, नमक और अजवाइन मिलाकर मिस्सी रोटी बना लें।
 हेल्दी टिप :रोटी बनाने के लिए हमेशा चोकरयुक्त आटे का इस्तेमाल करें। इससे पाचनतंत्र दुरुस्त रहेगा।
चावल :चावल के बारे में लोगों में बहुत भ्रम है कि उबालकर पानी निकाल देने से उसका सारा स्टार्च निकल जाता है। ऐसा करने से चावल का सिर्फ एक या दो प्रतिशत स्टार्च निकल पाता है। इसलिए यह आपकी पसंद पर निर्भर है कि आपको चावल कैसे पकाना है? चावल खाते समय केवल यह ध्यान रखें कि इसके साथ हरी सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें। क्योंकि सब्जियों में पाया जाने वाला फाइबर चावल में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च को आसानी से पचाने में सहायक होता है।
 हेल्दी टिप : ब्राउन राइस में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।
 इडली :  आमतौर पर स्त्रिया समय बचाने के लिए बाजार में बिकने वाली इंस्टैंट इडली मिक्स का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इसमें मौजूद प्रिजर्वेटिव सेहत के लिए नुकसानदेह होते हैं। इसलिए इडली हमेशा घर में ही बनाएं। अगर आपके पास समय कम हो तो सूजी में दही या ईनो पाउडर मिलाकर आप घर में ही इंस्टैंट इडली तैयार कर सकती हैं। अगर आप कैलरी कॉन्शस हैं तो आपके लिए राइस के बजाय रवा इडली ज्यादा अच्छी रहेगी।
 हेल्दी टिप :अकसर लोग साबर के बजाय नारियल की चटनी के साथ इडली खाते हैं, पर चटनी में साबर की तुलना में ज्यादा कैलरी होती है। इसलिए इडली के साथ साबर जरूर बनाएं।
सब्जिया और फल : हमें सिर्फ मौसम में मिलने वाली सब्जिया ही खानी चाहिए। जहा तक संभव हो सब्जिया और फल छिलके सहित खाने की कोशिश करें, क्योंकि इनमें मौजूद फाइबर कब्ज दूर करने में सहायक होता है। हालाकि आजकल सब्जियों पर कई तरह की हानिकारक कीटनाशक दवाओं का छिड़काव होता है। इसलिए काटने से पहले उन्हें गर्म पानी में पाच मिनट तक डुबोकर अच्छी तरह धो लें, क्योंकि सब्जिया काटकर धोने से उनमें मौजूद विटमिंस नष्ट हो जाते हैं। हरी सब्जियों को बहुत ज्यादा देर तक न पकाएं।
हेल्दी टिप : सब्जियों और फलों के रंगों में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। इसलिए हमेशा अपने भोजन में हर रंग की सब्जियों और फलों को शामिल करने की कोशिश करें।
दालें : हर तरह की दाल में मौजूद सभी पौष्टिक तत्व आपको समान रूप से मिल सकें, इसके लिए आप रोजाना अलग तरह की दालों का इस्तेमाल करें या चना, मूंग, उड़द और मसूर की दालों को समान मात्रा में मिलाकर मिश्रित दाल भी तैयार कर सकती हैं। छौंक लगाते समय सीमित मात्रा में देसी घी का इस्तेमाल करें। दालों में मौजूद प्रोटीन की वजह से कुछ लोगों को इनके सेवन के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है। अगर ऐसी समस्या हो तो डिनर के बजाय लंच में साथ दाल का सेवन करें।
 हेल्दी टिप : छिलके वाली दालों में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए धुली दालों के बजाय छिलके वाली दालें जैसे-काली मसूर, काली उड़द और हरी मूंग की दाल का सेवन करें।
 सैलेड :   सैलेड बनाने के लिए खीरा, ककड़ी, टमाटर, गाजर, मूली, प्याज, बंदगोभी और लेट्यूस के पत्तों का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ स्त्रिया समय बचाने के लिए खाना तैयार होने से पहले ही सैलेड काटकर रख देती हैं, इससे सैलेड का स्वाद और पौष्टिक तत्व दोनों नष्ट हो जाते हैं। इसलिए टेबल पर खाना लगाने के दस मिनट पहले सैलेड तैयार करें। सैलेड काटने से तुरंत पहले सब्जिया फ्रिज से निकालें। इससे सैलेड क्रिस्पी बनेगा और उसे काटना भी आसान होगा। ड्रेसिंग के लिए ऑलिव ऑयल या व्हाइट क्रीम के बजाय नींबू, ऑरिगेनो, बेसिल और हंग कर्ड जैसी चीजों का इस्तेमाल करें क्योंकि ऑलिव ऑयल और व्हाइट क्रीम में कैलरी ज्यादा होती है। अकसर एक प्लेट सैलेड में चार-पाच लोग शेयर करते हैं, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होता। घर में हर व्यक्ति के लिए अलग से एक बोल सैलेड की सर्विंग होनी चाहिए।
 हेल्दी टिप :सैलेड हमेशा मेनकोर्स से पहले लेना चाहिए। इसमें मौजूद फाइबर बढ़ते वजन को नियंत्रित रखता है।