- सर्दी आते ही सब कुछ बदल जाता है। दिन छोटे हो जाते हैं, रातें बड़ी। धूप गुनगुनी हो उठती है। ठंडी हवा में दांत ऐसे किटकिटाते हैं, मानो टेबल याद कर रहे हों। इतना ही नहीं, इन दिनों में कुछ और भी बदलता है। वह है तुम्हारे हाजमे की ताकत। लेकिन दोस्तों, इसका मतलब यह नहीं कि कुछ भी खाते चले जाओ। जंक फूड या हैवी फूड लेने से तुम्हारा शरीर शेप में न रहकर बेडौल हो जाएगा, दूसरे बीमारियों से लड़ने की तुम्हारी ताकत [प्रतिरोधक क्षमता] कम हो जाएगी। इसलिए तुम्हें अपने टिफिन यानी खान-पान पर ध्यान देना होगा।
- डाइटीशियन ईशी खोसला का कहना है कि किशारोवस्था के दौरान फिजिकल, बायोकेमिकल और इमोशनल विकास होता है। शरीर में तमाम तरह के बदलाव की शुरुआत इसी उम्र में होती है। ऐसे में हेल्दी डाइट बहुत जरूरी है। टींस को कैलोरी और पोषक तत्वों खास तौर पर आयरन और कैल्शियम की सबसे अधिक जरूरत होती है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अहम हैं। डाइटीशियन ईशी खोसला 13-15 और 16-18 साल की उम्र में किशोरों को अपने आहार पर खास देने की जरूरत बताती है।
- उनके अनुसार, यदि कहीं बाहर जाना हो, तो बाहर की चीजें खाने से अच्छा है कि घर से टिफिन पैक करके ले जाया जाए। इससे फायदा यह होता है कि किशोर अपने समय पर खाना खा सकते हैं, दूसरे उन्हें उनके शरीर के लिए उपयोगी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। ये पोषक तत्व ही उनके ग्रोथ में सहायक बनते हैं। हरी सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज, दूध और दूध से बनी चीजों को निर्धारित मात्रा में अपने भोजन में शामिल करने से अच्छा विकास होता है।
- डाइटीशियन के अनुसार, भले ही ब्रेकफास्ट हो, लंच हो या फिर डिनर, टिफिन पैक करने में किशोरों को इस बात का खयाल रखना चाहिए कि उनके भोजन से उन्हे कितनी एनर्जी मिल रही है और शारीरिक व मानसिक विकास के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक प्रोटीन और आयरन की सही मात्रा मिल रही है या नहीं।
- टींस को अपने खाने को नियत समय पर ही लेना चाहिए। ईशी खोसला के अनुसार, खाने का समय तय होना चाहिए। ब्रेक-फास्ट, लंच, शाम के नाश्ते और डिनर में से हर एक के बीच चार घंटे से ज्यादा का गैप न हो। इसके साथ ही किशोर किसी डाइटीशियन से सलाह लेकर अपने टाइम के अनुसार एक डाइट चार्ट बनवा सकते हैं। इससे उनकी उम्र और शरीर के वजन के अनुसार आवश्यक एनर्जी तय की जाती है। लड़के और लड़कियों के लिए जरूरी एनर्जी में भी अंतर होता है। जैसे एक 13 से 15 साल के किशोर को 2450 किलो कैलोरी की जरूरत होती है, तो इसी उम्र की किशोरी को 2060 किलो कैलोरी की। इसी के अनुसार पोषक तत्वों की मात्रा में भी अंतर होता है।
- आम तौर पर सर्दियों में प्यास कम लगती है और वे पानी पीने को नजरअंदाज करने लगते हैं। लेकिन यह आदत ठीक नहीं। खासतौर पर किशोरावस्था में पूरे दिन में आठ से दस गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इससे वे तरोताजा रहते हैं और टॉक्सिन्स ज्यादा असर नहीं दिखा पाते। इसके अलावा फैटी एसिड फूड, जैसे क्रीमरोल, पेस्ट्री, केक और कुकीज इत्यादि का कम ही सेवन करना चाहिए। वहीं सॉस व पैक्ड फूड, जिनमें प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल होता है, उन्हें न खाने में ही भलाई है। यदि चटपटा खाने का मन है, तो बेहतर होगा कि उसे घर में ही तैयार किया जाए। आप मसालेदार फ्रूटचाट घर में भी बना सकते हैं। वह आपको जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। वह हाइजीनिक भी होगा और स्वादिष्ट भी। सर्दियों में वैसे तो कोल्डड्रिंक और ठंडी चीजें नहीं खाना-पीना चाहिए, क्योंकि उनसे टॉन्सिल्स की दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन फिर भी यदि पीना ही है, तो घर की बनी लस्सी या ताजे फलों का जूस पिएं।
- खाने का समय डाइट* सुबह का नाश्ता 7 बजे 1 टी स्पून चीनी के साथ 150 मिली लीटर दूध + 2 पनीर या चीज सैंडविच/ 1 स्टफ्ड परांठा या 1 ऑमलेट* लंच के पहले 11 बजे ताजे फल* लंच 12 बजे 3-4 चपाती, 1 कटोरी दाल, हरी पत्तेदार सब्जी, मीठा दही, 1 पीस मिठाई* शाम का नाश्ता 3-4 बजे 1 ग्लास मिल्कशेक + भुनी हुई मूंगफली या भुना चना + बिस्किट* रात का खाना 8-9 बजे 3-4 चपाती [घी के साथ], 1 कटोरी दाल, चावल या 1 कटोरी दलिया, हरी सब्जी, ग्रीन सलाद* सोने से पहले 10 बजे शहद के साथ 150 मिली लीटर दूधइनका रखें ध्यान* दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए, ताकि टॉक्सिन शरीर से बाहर निकल जाएं।* दिनभर में 2-3 चम्मच तेल का सेवन किया जा सकता है।* दिनभर में 12 चम्मच घी से ज्यादा न हो।* फैटी एसिड फूड, जैसे पेस्ट्री, क्रीम बिस्किट, केक, कुकीज आदि से बचना जरूरी है।* प्रिजर्वेटिव फू ड जैसे सॉस, पैक्ड फूड और जूस से दूर रहो।
* कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के बजाय ताजे फलों का जूस या लस्सी स्वादिष्ट भी होंगे और सेहतमंद भी।
* मिक्स फ्रूट चाट या मिक्स वेजटेबल जूस लो। इनमें पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
घर से दूर हों तो क्या खाएं
* टीनएजर्स ओनियन उत्तपम, पूरन पोली, इडली, स्टफ्ड परांठा या मिक्स्ड वेज खिचड़ी खा सकते हैं, ताकि पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन मिल सके।
* टीनएजर आमतौर पर जंक फूड के क्रेजी होते हैं, लेकिन ऐसे फूड नुकसानदायक होते है। लेकिन कभी-कभी स्प्रिंग रोल्स, पिज्जा या पाव भाजी में से कोई एक चुन लेने में कोई बुराई नहीं। इनमें थोड़े पोषक तत्व होते हैं।
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Saturday, November 3, 2012
टीनएजर्स के लिए नियमित आहार
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