मिथक : यह बहुप्रचलित मिथक है कि अगर गर्भवती महिला के पेट का उभार ऊपर की ओर है तो शिशु लड़का होगा ।
तथ्य : यह बात वैग्नानिक तथ्य पर आधारित नहीं है । उभार का नीचे की ओर होना बताता है कि शिशु नीचे पेडू तक पहुँच गया है ओर प्रसव के बहुत करीब है । महिला की मांसपेशी का आकार , संचना उसका अंग - विन्यास , गर्भावस्था के पूर्व शरीर की बनावट तथा पेट के आस - पास के हिस्से में जमा चर्बी कुछ कारक गर्भवती महिला के पेट के आकर व बनावट के ma मामले में भूमिका निभाते है ।
मिथक : ऐसे भी बहुत ज्यादा कहा जाता है कि अगर आपका मन नमकीन खाने पर जाता है तो आपको बेटा होगा । मीठा भोजन पर मन जाना गर्भ में बेटी का होना दर्शाता है ।
तथ्य : जब आप गर्भ से हों तो हो सकता है कि आपका मन कई तरह के भोजन पर जाए या किसी ख़ास चीज पर मन न जाए , लेकिन इनमें से कुछ भी आपके होने वाले बच्चे का लिंग निर्धारण नहीं करता ।
मिथक : एक छल्ले के अंदर एक धागा डालकर इसे गर्भस्थ पेट के ऊपर रख कर पकडे और इस प्र कार धागे की गति की दिशा के आधार पर आप बच्चे का लिंग निर्धारण कर सकते है , लड़के के मामले में इसकी दिशा आगे - पीछे होगी , जबकि लडकी के मामले में घूर्णन गति होगी ।
तथ्य : यह सही नहीं है , मस्ती के लिए यह तरीका अपना सकती है ।
मिथक : अगर गर्भावस्था के दौरान आपकी नाक में सूजन होता है , तो आपको बेटी होगी ।
तथ्य : वास्तव में माँ की शक्ल - सूरत एवं बच्चे के लिंग का कोई संबंध नहीं होता । नाक में सूजन आने को एस्ट्रोजन के स्तर में वृद्दि से जोड़ा जा सकता है , जिसकी वजह से म्यूकस मेंब्रेन में रक्त का बहाव तेज हो जाता है और यह फैल जाता है ।
तथ्य : लग भग आधी गर्भवती महिलाओं के मामले में किसी - न - किसी हद तक सुबह के वक्त कमजोरी देखने को मिलाती है । डाक्टरों का मानना है कि मिचली के लिए माँ के शरीर में बनने वाला रिलेक्सिन नामक हारमोन जिम्मेवार होता है ना कि पेट में पलने वाला बेटा या बेटी ।
मिथक : धीमी हदय गति का मतलब बेटा एवं तेज गति का मतलब बेटी । सामान्य स्थिति में श्रुण के हदय की धड़कन 110 व 160 प्रति मिनट के बीच होती है , हालांकि कुछ लोग मानते है कि अगर यह अधिक तेज है तो गर्भस्थ शिशु कन्या है और कम है तो बेटा ।
तथ्य : परंतु कोई ऐसा अध्ययन निर्णयात्मक तौर पर यह नहीं दर्शाता है कि हदय गाती का बच्चे के लीग से कोई संबंध है । आपके गर्भस्थ शिशु के धडकनों की दर प्रसवपूर्ण अलग - अलग गर्भावस्थ अंतराल पर निर्भर करती है ।डाक्टर के पास पहुँचने के वक्त श्रुणु की उम्र एवं गतिविधि के स्तर पर निर्भर करती है ।
मिथक : गर्भावस्थ के दौरान सीन में जलन का अर्थ यह है कि जन्म के वक्त आपके बच्चे के सिर में बहुत बाल होगें । तथ्य : इस अवस्था में सीन में जलन एक आम समस्या है और इसका अर्थ यह कदापि नहीं होता कि बच्चे के सिर में निश्चत तौर पर ढेर सारे बाल होंगे । कई बार ऐसी समस्या से ग्रस्त महिलाओं ने गंजें का इस दुनिया में स्वागत किया है ।