क्या करें :
- आजकल बाजार में कई तरह की टीयिंग रिंग भी आती है । वह आप बच्चे को दे सकती है , लेकिन ध्यान दे की इसमें कई लिक्विड नहीं होंना चाहिए वह चीज इतनी छोटी भी नहीं होनी चाहिए कि बच्चा निगल लें ।
- डाक्टर से बात करके बच्चे को कोई दवा भी दे सकती है ।
जान्डीस यानी पीलिया : जन्म के 3 - 4 दिन के बाद उसे पीलिया की बीमारी हो सकती है ।इसमें बच्चे का रंग व् आंखों पीली पड़ जाती है । इसके ठीक होने में कुछ समय लगता है ।
क्या करें : यह किसी भे बच्चे को हो सकती है इसलिए डरे नहीं कि यह बीमारी आपके बच्चे को क्यों हुई है । लेकिन समय रहते उसकी डाक्टर के पास जांच जरूर करवाएं । अश्रुनलिकाओं का ब्लाक होना : जन्म के समय बच्चे की एक या दोनों अश्रुनलिकाएं ब्लैक हो और आंखों के किनारे पर स्टिकी म्यूकस हो तो यह समस्या आती है ।
क्या करें : यह नलिका आमतौर पर जन्म के दो हफ्तों के बाद खुलती है इसलिए घबराएं नहीं ।
बच्चे का नहीं रोना : नार्मल डेलिवरी के बाद बच्चा पैदा होते ही तेजी के साथ रोता है । अगर नहीं रोता तो माता - पिता चिंतत हो जाते है ।
क्या करे : अगर शिशु किसी शाक की वजह से नहीं रोया तो एकदम से टेंशन ना ले क्योंकी ऐसे में डाक्टर बच्चे को उसकी पीठ थपथपा कर रुला देते है ।
आइबाल मूवमेंट : अगर आपका बच्चा अपनी आँखे कुछ दिन नहीं खोलता तो परेशान न हो क्योंकि यह साधारण बात है । इसका कारण है कि नवजात शिशु के आंखों की पुतली ठीक ढंग से विक्सित नहीं होती है इसलिए वह आंखों को कुछ दिन बंद ही रखता है । इसके बाद आप खुद भी अपने बच्चे की आंखों की जांच कर सकती है ।
क्या करें : जब भी बच्चा आंखों खोले तो आप तुरंत ही अपनी उंगली के माध्यम से उसका ध्यान चलती हुई उंगली की ओर खीचे । अगर बच्चे की पुतलियां दायें - बायें ठीक ढंग से धूम रही हो , तो बच्चे की आँखें ठीक है अगर वह पुतलियाँ नहीं घुमा रहा तो उसका कारण कुछ ओर भी हो सकता है इसलिए डाक्टर से संपर्क करें ।
गैस से संबंधित समस्या हो तो : जन्म के बाद बच्चे का पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता है इसलिए दूध पीने के बाद वह उसे उलट देता है ।
क्या करे : जबी भी बच्चे को दूध पिलाएं तो उसकी पीठ पर हलके से 1 - 2 मिनट के लिए थपकी मारे जिससे उसे डकार आ जाए । यह डकार बच्चे के पेट में जैस बनने से रोकेगी । साथ ही अगर बच्चे के पेट में गैस हे तो उसे निकालने के लिए उसे पीठ के बल लिटाएं और उसके दोनों पैरों को साइकिल चलाने वाले अंदाज में घुमाएं , इससे पाचन तंत्र मजबूत होगा और गैस भी निकलेगी ।