Showing posts with label remedy for infant jaundice in hindi. Show all posts
Showing posts with label remedy for infant jaundice in hindi. Show all posts

Monday, October 15, 2012

बच्चों और उनके उपचार के लिए स्वास्थ्य समस्याएं

दांत निकलने में परेशानी होना  :   बच्चे के 6 महीने के होते - होते उसके दांत निकलने शुरू हो जाते है ।हर समय माँ के लिए काफी परेशानी से भरा होता है  क्योकी शिशु के दांत निकलते समय वह चिडचिडा हो जाता है , उसके मसूडोम में खुजली रहती है , इससे वह बेचैन रहता है ।कभी कभार बच्चे को उल्टी व दस्त भी लग जाते है । लेकिन एसा होने पर परेशान होने  की जरूरत नहीं है । यह बहुत ही साधारण प्रक्रिया है जोकी लगभग हर शिशु के साथ होता है ।

क्या करें  : 

  • आजकल बाजार में कई तरह की टीयिंग रिंग भी आती है । वह आप बच्चे को दे सकती है , लेकिन ध्यान  दे की इसमें कई लिक्विड नहीं होंना चाहिए वह चीज इतनी छोटी भी नहीं होनी चाहिए कि बच्चा निगल लें ।

  • डाक्टर से बात करके बच्चे को कोई दवा भी दे सकती है ।


जान्डीस यानी पीलिया :  जन्म के 3 - 4 दिन के बाद उसे पीलिया की बीमारी हो सकती है ।इसमें बच्चे का रंग व् आंखों पीली पड़ जाती है । इसके ठीक होने में कुछ समय लगता है ।

baby

क्या करें  : यह किसी भे बच्चे को हो सकती है इसलिए डरे नहीं कि यह बीमारी आपके बच्चे को क्यों हुई है । लेकिन समय रहते उसकी डाक्टर के पास जांच जरूर करवाएं । अश्रुनलिकाओं का ब्लाक होना   :  जन्म के समय बच्चे की एक या दोनों अश्रुनलिकाएं ब्लैक हो और आंखों के किनारे पर स्टिकी म्यूकस हो तो यह समस्या आती है ।

क्या करें  :    यह नलिका आमतौर पर जन्म के दो हफ्तों के बाद खुलती है इसलिए घबराएं नहीं ।

बच्चे का नहीं रोना  :  नार्मल डेलिवरी के बाद बच्चा पैदा होते ही तेजी के साथ रोता है । अगर नहीं रोता तो माता - पिता चिंतत हो जाते है ।

क्या करे   :   अगर शिशु किसी शाक की वजह से नहीं रोया तो एकदम से टेंशन ना ले क्योंकी ऐसे में डाक्टर बच्चे को उसकी पीठ थपथपा कर रुला देते है ।

आइबाल मूवमेंट   : अगर आपका बच्चा अपनी आँखे कुछ दिन नहीं खोलता तो परेशान न हो क्योंकि यह साधारण बात है  । इसका कारण है कि नवजात शिशु के आंखों की पुतली ठीक ढंग से विक्सित नहीं होती है इसलिए वह आंखों को कुछ दिन बंद ही रखता है । इसके बाद आप खुद भी अपने बच्चे की आंखों की जांच कर सकती है ।

क्या करें  :   जब भी बच्चा आंखों खोले तो आप तुरंत ही अपनी उंगली के माध्यम से उसका ध्यान चलती हुई उंगली की ओर खीचे । अगर बच्चे की पुतलियां दायें - बायें ठीक ढंग से धूम रही हो , तो बच्चे की आँखें ठीक है अगर वह पुतलियाँ नहीं घुमा रहा तो उसका कारण कुछ ओर भी हो सकता है इसलिए डाक्टर से संपर्क करें ।

गैस से संबंधित समस्या हो तो  :  जन्म के बाद बच्चे का पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता है इसलिए दूध पीने के बाद वह उसे उलट देता है ।

क्या करे  :  जबी भी बच्चे को दूध पिलाएं तो उसकी पीठ पर हलके से 1 - 2 मिनट के लिए थपकी मारे जिससे उसे डकार आ जाए । यह डकार बच्चे के पेट में जैस बनने से रोकेगी । साथ ही अगर बच्चे के पेट में गैस हे तो उसे निकालने के लिए उसे पीठ के बल लिटाएं और उसके दोनों पैरों को साइकिल चलाने वाले अंदाज में घुमाएं , इससे पाचन तंत्र मजबूत होगा और गैस भी निकलेगी ।