कैलाश हास्पिटल और डार्ट इंस्टीटयूट की वरिष्ठ चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाँ. रूचिरा गुप्ता कहती है कि बच्चे के विकास के लिए मसाज बहुत जरूरी है । यह बात कुछ समय पूर्व एक अंतराष्ट्रीय सर्वेक्षण से भी सामने आई है । इसमें शिशुओं की मालिश की गयी और दूसरे ग्रुप में नहीं । नतीजा यह रहा कि मालिश किए गए बच्चों का विकास अच्छा रहा । इसके अलवा मसाज से त्वचा नर्म व् लचीली हुई ।साथ ही रक्त संचालन में मदद तथा मांसपेशियों में टोनिंग के साथ शिशु का बेहतर विकास हुआ ।
मसाज कब शुरू व कितनी बार करें
डाँ . रुचिरा गुप्ता कहती है कि लगभग दस से पंद्रह दिन में बच्चे की मालिश शुरू कर देनी चाहिए । इसका एक कारण यह है कि बच्चे का शुरू में सात दिनों में स्वत : ही वजन कम हो जाता है और फिर बढना शुरू होता है । डाँ . गुप्ता के अनुसार बच्चे को मसाज एक नियत समय पर दिन में एक बार ही करनी चाहिए । कई माएं दिन में कई बार मसाज करती है , जो उचित नहीं है ।
मसाज के लिए आँयल का चुनाव
कोकोनट आँयल से बेबी मसाज ठीक रहती है । पर कुछ बच्चों को सूट नहीं करता । अत : मसाज के लिए मस्टर्ड आँयल , कोकोनट आयल , आलमंड आँयल और आलिव आँयल में से जो आँयल बच्चे की त्वचा को सूट कर जाए उससे मालिश करनी चाहिए । देसी घी और मलाई का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।
मालिश कब और कितनी देर करें : बच्चे को मालिश दूध पिलाने के एक घंटें बाद करनी चाहिए । पंद्रह मिनट से लेकर आधे घंटे तक मालिश की जा सकती है । मालिश के एक घंटे बाद नहलाना चाहिए ।
मालिश की प्रक्रिया :
- एक बड़े पर एक पानी निरोधी शीत बिछाएं और उसके ऊपर मलमल के कपड़े की चार तह करके बिछा दे ।
- मालिश के लिए रूम टेम्परेचर 28 से 30 डिग्री रखे क्योंकी बच्चा उस समय कुछ पहने नहीं होता ।
- मालिश से पहले बच्चे के हाथ से कडा आदि उतार दे । अपने नाख़ून काट लें और मसाज का तेल ज्यादा मात्र में प्रयोग में लाएं ताकि रूखेपन की रगड़ से बेबी की त्वचा को खतरा न पहूंचे ।
- मालिश सर्कुलर मोशन में हलके हाथों से करनी चाहिए व सिर से शुरू करके नीचे की तरफ आना है
- पैरों पर मालिश करते समय तलवों से शुरू करके जघाओं की तरफ आएं ।
- जननांगों की मालिश सबसे बाद में करे ।
- कानों की बाहर सफाई तो ठीक है पर कानों के अंदर बड्स न डालें । तेल भी न डालें ।
- शिशु के दोनों हाथों को धीरे से ऊपर सिर की और हल्का सा खीचे ।
- दोनों पैरों की नीचे की ओर थोड़ा खीचे ।
- दोनों पैर और बाएं हाथ को अपने एक हाथ से पकड़कर पहले बीच में छाती पर लाएं ,फिर वापस विपरीत दिशा में खीचे ।
- इसी प्रकार बाएं पैर और दायें हाथ की भी एक्सरसैज करवाएं ।
- सर्दी के मोसम में बच्चें को थोड़ी देर धूप में लिताएं ।
- मौसैम के अनुसार गरम पानी से बच्चे वाले साबुन से शरीर को साफ करें |