किस तरह का हो खानपान : गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था व् प्रसव के बाद किस तरह का खानपान अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए आइए जाने ।
इस अवस्था में प्रसव के पहले फोलिक एसिड सप्लीमेंट और फोलेट युक्त खाद्द पदार्थों को लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये पोषक तत्व बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हद्दी के सही विकास के लिए जरूरी है और ये न्यूरल ट्यूब में विकृति आने से रोकते है । पार्थ्फाइंडर हेल्थ इंडिया की विशेषज्ञ डा . गगनदीप सिंह चद्दा का कहना है कि पौष्टिक आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां , फल , साबुत गेहू और कम वसा युक्त दुग्ध उत्पाद शामिल है , जो आपको गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद इन खाध्य पदार्थों का आदि बना देगा ।
गर्भधारण करने के बाद : गर्भधारण करने के बाद आपको अपने खानपान की आदतों को लेकर अधिक सतर्क होना चाहिए और इन सभी आवश्यक पोषक तत्वों के साथ अपने आहार को लेकर एक योजना बनानी चाहिए ।यह सामान्य भ्रांति है कि गर्भावस्था के दौरान आपको एक की बजाय दो लोगों का खाना खाने की जरूरत होती है जबकि ऐसा सोचना गलत है , जितनी भूख लगे उतना ही खाए ।
गर्भावस्था डाइटिंग करने का समय नहीं है , बल्कि आपको अपने बढ़ते हुए शरीर और विकसित होने वाले शिशु की मांगों को पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता होती है ।आहार में प्रोटीन , कैल्शियम ,मिनरल्स , विटामिन और वसा काफी मात्रा में द्रव शामिल होने चाहिए । इस दौरान बच्चे के लिए आपको सिर्फ कुछ सौ अधिक कैलौरी लेने की जरूरत है । भोजन की मात्रा को दोगुना करने की बजाय इडली , उपमा , वसा रहित दूध , नट्स , अंकुरित अनाज और साबुत अनाज जैसे स्वास्थ्यवर्द्दक आहार ले । थोड़ी - थोड़ी मात्रा में लेकिन बार - बार भोजन करें । इससे आपको एसिडिटी और पाचन संबंधित अन्य समस्याएं नहीं होगी ।
विटामिन , खनिज पथार्थ और प्रोटीन सहित अच्छा पोषण बच्चे के सम्पूर्ण विकास के लिए महत्वपूर्ण है । चुकंदर ,संतरा और पौष्टिक अनाजों के सेवनको बढ़ा दे । पानी को अपना सबसे पसंदीदा पेय बनाये और रोजाना कम से कम 8 - 10 गिलास पानी पीने का नियम बना ले ।प्राकृतिक पेय और अधिक फाइबर वाले आहार आपको गर्भावस्था से संबंधित कब्ज से निजात दिलाने में मदद कर सकते है । आप पानी के अलवा , नीम्बू पानी , नारियल पानी ,और छाछ से अपनी प्यास बुझा सकती है ।
कामकाजी महिलाओं के लिए , गर्भावस्था और प्रसव के बाद का समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है , इसलिए उनकेलिए सही भोजन करना अत्यंत जरूरी है । आपको अपने और अपने बच्चे के स्वास्त्य को प्राथमिकता देनी होगी । काम पर जाते समय रोजाना फल ,नट्स और दही जैसे स्वास्थ्य वर्धक काने पदार्थ अपने साथ रखे ।वहा समय पर खाने और टहलने का समय निर्धारित कर ले ।