guava in hindi
अमरूद की तासीर शीतल होती है . यह पेट के अनेक विकार दूर करता है .इसे भोजन के बाद खाने से कब्ज , अफारा व मंदाग्री की शिकायत नहीं होती है . guava in hindi अमरूद के बीजों के भी ओषधी के रूप में प्रयोग किया जाता है.इसके बीज को दरदरा पीसकर उसमे शक्कर व पानी मिलाकर पीने से पित्त संबंधी विकार दूर हो जाते है .सर्दी - जुकाम में अमरूद के बीजों का चूर्ण पानी के साथ लेने से आराम मिलता है . अमरूद में विटामिन सी अधिक होने से भी ये अनेक रोगों में लाभप्रद है .घरेलु नुस्खे :
- guava in hindi कब्ज होने पर खाली पेट निरंतर कुछ दिनों तक पके अमरूद का सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है .
- रात को सोते समय अमरूद के पत्तों को पीसकर पुल्टिस बनाकर बांधने से आंखों का दर्द , guava in hindi सूजन तथा लाली दूर होती है .
- guava in hindi अधपके ताजा अमरूदों को पानी में भिकोकर चाशनी में डालकर बनाया हुआ मुरब्बा खाने से आवं की शिकायत दूर हो जाटी है .
- गठिया रोग में अमरूद के पत्तों को पीसकर उसे गर्म करके दर्दवाले स्थान पर लेप करने से दर्द से राहत मिलती है .
- अमरूद के छोटे - छोटे दुकडे करके पानी में डालकर कुछ समय बाद पानी को छानकर पीने से डायबीटीज या बहुमूत्रता के कारण बार - बार लगाने वाली प्यास दूर होती है .
- अमरूद कृमिनाशक भी है . छोटे बछोम का पेट में कीड़े हो , guava in hindi तो अमरूद के साथ शहद मिलाकर देने से कीड़े नष्ट हो जाते है .
- अमरूद के पत्तों को चबाने या इसके पत्तों के काढ़े में फिटकरी मिलाकर कुल्ला करने से दांतों का दर्द दूर हो जाता है .
- एक - एक अमरूद सुबह , guava in hindi भोजन के बाद और शाम को डेढ़ महीने तक सेवन करने से मस्तिष्क की मांसपेशियों को शक्ति प्राप्त होती है .
- अमरूद को काटकर उस पर काला नमक और कालीमिर्ची का चूर्ण डालकर खाने से अफारा रोग दूर होता है तथा है पाचन क्रिया सुधरती है . guava in hindi
- पेट में जलन हो , गुदगुदाहट हो , हाथ - पैरों में जलन होती हो , guava in hindi तो हर रोज भोजन के एक घंटे बाद पके हुए एक अमरूद का सेवन करें . इससे इन रोगों का शमन होता है .

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