Monday, November 5, 2012

व्रत टाइम में पोषक खाना

त के दिनों में उचित खानपान आपको रखेगा फिट एंड फाइन। साथ ही इस दौरान आप हो सकती हैं स्लिम एंड ट्रिम   - 

प्रोटीन : व्रत के दिनों में प्रोटीन नहीं मिल पाता। इसलिए दूध, दही, पनीर व छेने की मिठाइयां तथा कूटू, सिंघाड़े के आटे का सेवन करे। इनमें प्रोटीन उचित मात्रा में मिलेगा। इससे कमजोरी नहीं महसूस होती है।

कार्बोहाइड्रेट्स : व्रत के खानपान में कार्बोहाइड्रेट्स काफी मात्रा में होता है, लेकिन उसे हजम करना मुश्किल होता है। अत: कूटू का आटा, सावां चावल, सिंघाड़े के आटे को खूब अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करे। इनको हल्का करने के लिए इनमें उबले आलू मिलाएं। मेवे और मखाने में भी कार्बोहाइड्रेट्स होता है। इनका भी सेवन कर सकती है। एक बात का ध्यान रखें कि व्रत के दिनों में केवल कार्बोहाइड्रेट्स से पेट न भरे, बल्कि फलों की सलाद, सब्जी, फल, जूस का प्रयोग करे। इससे वजन भी नहीं बढ़ेगा। साथ ही त्वचा में निखार आएगा।



विटामिन्स : नींबू पानी व कुछ हरी सब्जियां जैसे लौकी, परवल और टमाटर लें। दूध व इससे बने पदार्थो से विटामिन ए व डी प्राप्त हो जाएगा। नींबू से विटामिन सी मिलेगा और फलों से कई विटामिन्स मिल जायेंगे। यही नहीं फल, सब्जियों और मेवों से एंटीऑक्सीडेट्स मिल जाएंगे।

फैट : पहले के जमाने में व्रत के दिनों में तली हुई चीजों का सेवन ज्यादा किया जाता था। इसे ही शुद्ध भोजन माना जाता था। हालांकि हमारे ग्रंथों में प्राकृतिक खाद्य पदार्थो को अर्थात जिस हालत में प्रकृति हमें देती है, को ही शुद्ध आहार माना गया है। तली हुई चीजों में ट्रांसफैट होता है, जो कोलेस्ट्राल को बढ़ाता है, एसिडिटी पैदा करता है। फैट के अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है व पेट निकल सकता है। देशी घी का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन कम मात्रा में।

व्रत का टाइम टेबल :

1. व्रत के दिनों में केवल एक ही पदार्थ पर निर्भर न रहे। जिस प्रकार से स्कूल का टाइम टेबल बनाते है उसी प्रकार से व्रत के लिए प्रत्येक दिन का मेन्यू बना लें। बहुत सी महिलाएं केवल आलू का ही सेवन करती रहती है। यह ठीक नहीं, इससे तबियत बिगड़ सकती है।

2. घर का बना ही भोजन करे। बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थो का सेवन न करे। ये स्वादिष्ट भले ही लगें, लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है।

3. इसी प्रकार प्रतिदिन केवल मीठे पदार्थो पर ही निर्भर न रहे। यदि हम प्रतिदिन सोडियम क्लोराइड पांच ग्राम से कम लेते है तो शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है। इस वजह से सिरदर्द और चक्कर आ सकता है। हाथों-पैरों में कंपन्न हो सकता है। अत: व्रत के दिनों में भी नमक का सेवन जरूर करे।

4. यदि आप सेंधा नमक प्रयोग करती है तो जहां तक संभव हो सेंधा नमक को पानी में घोलकर और छानकर इसका सॉल्यूशन इस्तेमाल करे।

5. यदि आप हाई ब्लडप्रेशर की मरीज है तो व्रत के दौरान दवाएं बंद न करे। इसके परिणाम घातक हो सकते है, मसलन ब्रेन हैमरेज, फालिस व हार्ट अटैक भी हो सकता है। हाई ब्लडप्रेशर वाली महिलाएं नमक, फैट वाले पदार्थ व मीठा कम लें।

6. यदि आप डायबिटीज की शिकार है तो अपनी दवा अवश्य लें। साथ ही दिन में कम से कम तीन-चार बार कुछ न कुछ जरूर खाएं। आप मीठी चीजों का सेवन बिल्कुल न करे। फल-सब्जी में संतरा व खीरा, लौकी अधिक लें। कूटू, सिघाड़े की पूड़ी, पकौड़ी बिल्कुल न खाएं। इसके साथ ही साबूदाना और आलू का सेवन न करे। ये घातक हो सकते है।

7. यदि शरीर में खून की कमी है तो हरी सब्जियां, फल, दूध व इससे बने पदार्थ अवश्य लें। इससे आपको आयरन और कैल्शियम की प्राप्ति होगी।

8. उम्रदराज महिलाएं यदि व्रत रखती है तो उन्हे इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए कि शरीर में पानी, नमक की कमी न आए। आप प्रतिदिन दूध और जूस कई बार, लेकिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लें।

9. यदि आपका वजन अधिक है तो व्रत के दिनों में तरल पदार्थ खूब लें जैसे फैट-फ्री दूध, मट्ठा, मौसमी, अनार व सेब का जूस। साथ ही सलाद, फल व पांच दाने मेवा रोज खाएं। इससे आपका वजन दो-तीन किलो कम हो जाएगा।

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